Lyrics - जननी जन्मभूमि स्वर्ग से महान है janani janambhoomi swarg se mahaan hai Iske vaaste ye tan hai - pranav Kumar Tyagi Param himalaya

Lyrics - जननी जन्मभूमि स्वर्ग से महान है janani janambhoomi swarg se mahaan hai Iske vaaste ye tan hai - pranav Kumar Tyagi Param himalaya

Lyrics - जननी जन्मभूमि स्वर्ग से महान है , janani janambhoomi swarg se mahaan hai Iske vaaste ye tan hai 

जननी जन्मभूमि स्वर्ग से महान है"।

जननी-जन्मभूमि स्वर्ग से महान है ।

इसके वास्ते ये तन है मन है और प्राण है ॥

जननी-जन्मभूमि स्वर्ग से महान है ॥ध्रु॥

इसके कण-कण पे लिखा राम-कृष्ण नाम है ।

हुतात्माओं के रुधिर से भूमि शस्य-श्याम है ।

धर्म का ये धाम है, सदा इसे प्रणाम है ।

स्वतंत्र है यह धरा, स्वतंत्र आसमान है ॥१॥

इसके आन पे अगर जो बात कोई आ पड़े ।

इसके सामने जो ज़ुल्म के पहाड़ हों खड़े ।

शत्रु सब जहान हो, विरुद्ध आसमान हो ।

मुकाबला करेंगे जब तक जान में ये जान है ॥२॥

इसकी गोद में हज़ारों गंगा-यमुना झूमती ।

इसके पर्वतों की चोटियाँ गगन को चूमती ।

भूमि ये महान है, निराली इसकी शान है ।

इसके जय-पताके पे लिखा विजय-निशान ॥३॥

इसके वास्ते ये तन है, मन है और प्राण है ।

जननी जन्मभूमि स्वर्ग से महान है ॥

!! भारत माता की जय !!

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